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करम पूर्व संध्या में संस्कृति संरक्षण और शिक्षा को लेकर युवाओं को किया जागरूक

By Team orangehindi

Culture
करम पूर्व संध्या में संस्कृति संरक्षण और शिक्षा को लेकर युवाओं को किया जागरूक

उपायुक्त ने कहा- परंपराओं को सहेजते हुए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ें युवा, नशे से रहें दूर

लोहरदगा। आदिवासी कर्मचारी समिति, लोहरदगा के तत्वावधान में रविवार को न्यू नगर भवन में करम पूर्व संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना एवं कड़सा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान आदिवासी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति संरक्षण और शिक्षा के महत्व पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

मुख्य अतिथि उपायुक्त संदीप कुमार मीणा ने कहा कि आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और सभ्यता को संरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। बदलते समय के साथ अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को बचाए रखने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी है। उन्होंने युवा पीढ़ी से शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि युवा खूब पढ़ें-लिखें और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर समाज और जिले का नाम रोशन करें। उन्होंने युवाओं को नशापान से दूर रहने का संदेश भी दिया।

विशिष्ट अतिथि उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम ने कहा कि आदिवासी समाज का प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से सदियों पुराना संबंध रहा है। समाज की परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना निहित है। उन्होंने सांस्कृतिक परंपराओं के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में सुषमा नीलम सोरेन, आईटीडीए के प्रतिनिधि, सेन्हा के अंचल अधिकारी, पेशरार के प्रखंड विकास पदाधिकारी, लोहरदगा के अंचल अधिकारी सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक समूहों के प्रतिनिधि शामिल हुए। खोड़हा दल, बीएस कॉलेज छात्रावास, बीर बुद्ध लुरकुड़िया, मेरले, हरमू और फूलकुमारी समूह के सदस्यों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

मौके पर समिति के सदस्य किशोर उरांव, बिनोद कुमार उरांव, सुधीर उरांव, सुनील मिंज, बीफई उरांव, अंजू कुजूर, रेखा उरांव, प्रीति पल्लवी तिग्गा, बालेश्वर भगत, श्रीवास्तव भगत, लक्ष्मी नारायण भगत, जगरनाथ भगत, सत्यदेव भगत सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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