कुडमी जाति को एसटी में शामिल करने का विरोध, राउरकेला में आदिवासी समाज ने उठाई आवाज
By Team Lohardaga Live

लोहरदगा के सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद उरांव ने कहा कि आदिवासियों के हितों की रक्षा आवश्यक है।
लोहरदगा। उड़ीसा के राउरकेला में लोहरदगा जिले के सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद उरांव ने केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुवेल उरांव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कुडमी जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
अरविंद उरांव ने बताया कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद से कुडमी जाति के लोग वर्षों से राजनीतिक दबाव डाल रहे हैं ताकि उन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए। लेकिन जनजातीय शोध संस्थान, रांची द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि कुडमी जाति अनुसूचित जनजाति के मानदंड पूरे नहीं करती। कोलकाता उच्च न्यायालय ने भी निर्णय दिया है कि कुडमी जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल नहीं किया जा सकता।
*आंदोलन की चेतावनी*
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि पूरे झारखंड के आदिवासी समाज इस मुद्दे पर गंभीर रूप से आंदोलित है। प्रत्येक जिले में लाखों आदिवासी सड़क पर उतरकर विरोध कर रहे हैं और यह आंदोलन तेजी से विकराल रूप ले रहा है। अरविंद उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज कुडमी जाति के लोगों द्वारा आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों पर कब्जा करने की साजिश को सफल नहीं होने देगा।
*केंद्रीय मंत्री से आग्रह*
ज्ञापन सौंपते समय अरविंद उरांव ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि आदिवासियों के अधिकारों और संवैधानिक हकों की रक्षा की जाए और किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव के आगे झुकने से परहेज किया जाए।
