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15 दिसंबर से जिले में धान अधिप्राप्ति होगी शुरू, किसानों को मिलेगा बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य

By Team Lohardaga live

Agriculture
मनीष कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी

25 केंद्रों के माध्यम से होगी खरीद, 2450 रुपये प्रति क्विंटल तय एमएसपी, एक सप्ताह में होगा एकमुश्त भुगतान

लोहरदगा। जिले में धान अधिप्राप्ति का कार्य 15 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होगा। इसके लिए जिले में कुल 25 धान अधिप्राप्ति केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 21 लैम्पस और 04 एफपीओ शामिल हैं। इन्हीं केंद्रों के माध्यम से किसानों से धान की खरीद की जाएगी।

राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2450 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 150 रुपये अधिक है। बीते वर्ष धान का समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल था। समर्थन मूल्य में हुई बढ़ोतरी से जिले के किसानों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

इस वर्ष धान खरीद के बाद किसानों को एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाएगा। पूर्व के वर्षों में भुगतान दो किस्तों में किया जाता था, लेकिन एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था से किसानों में लैम्पस और एफपीओ के माध्यम से धान बिक्री को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में धान की पैदावार अच्छी हुई है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।

जिला आपूर्ति पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि धान अधिप्राप्ति को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले के विभिन्न प्रखंडों में अधिप्राप्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। लोहरदगा प्रखंड में हेसल, निंगनी, मन्हो, बाघा और जोरी लैम्पस, कुडू प्रखंड में कोलसिमरी, कुडू, ककरगढ़, लावागाई और चंदलासो लैम्पस, किस्को प्रखंड में अरेया, किस्को, हेसापीड़ी और खरकी लैम्पस तथा जोड़ा सखुवा एफपीओ शामिल हैं।

इसके अलावा सेन्हा प्रखंड में सेन्हा, बुटी, अलौदी और बदला लैम्पस, सुखसम्पदा एफपीओ और सेन्हा एग्रो एफपीओ, कैरो प्रखंड में सढ़ाबे और हनहट लैम्पस, नौशाद एग्रो एफपीओ तथा भंडरा प्रखंड में गडरपो लैम्पस को अधिप्राप्ति केंद्र बनाया गया है।

एक सप्ताह में होगा भुगतान

जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि किसानों से धान खरीद के एक सप्ताह के भीतर एकमुश्त राशि का भुगतान उनके खाते में कर दिया जाएगा। जिले में धान क्रय का लक्ष्य 2 लाख 50 हजार क्विंटल रखा गया है। धान की खरीद निबंधित किसानों से की जाएगी, जिनका निबंधन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि धान बिक्री के समय यह सुनिश्चित करें कि धान अच्छी तरह सूखा हो और उसमें नमी 17 प्रतिशत से अधिक न हो। किसानों को जागरूक करने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक और अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसान सरकारी व्यवस्था के तहत धान विक्रय कर इसका लाभ उठा सकें।