केरल में संसदीय समिति की बैठक, सांसद सुखदेव भगत ने उठाए खनन और श्रमिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे
By Team orangehindi

कोयला उत्पादन बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार पर संतुलित नीति की जरूरत बताई
लोहरदगा। केरल में कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी स्थायी संसदीय समिति का तीन दिवसीय अध्ययन दौरा समिति के अध्यक्ष एवं सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। बैठक में लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत और आसनसोल के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा सहित समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अध्ययन दौरे के दौरान देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) तथा उसकी अनुषंगी कंपनियों ईसीएल, एनसीएल और डब्ल्यूसीएल की उत्पादन क्षमता एवं परिचालन दक्षता बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एमसीएल, एसईसीएल और सीसीएल के साथ कोल गैसीफिकेशन योजना को गति देने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में खनिज एवं धातुओं के अवैध खनन पर प्रभावी रोक, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों एसएआईएल, एनएमडीसी, आरआईएनएल और केआईओसीएल के आयरन ओर हैंडलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण, पर्यावरण संरक्षण तथा खनन क्षेत्र में श्रमिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठे।
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति और औद्योगिक विकास में खनिज संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे कोयला बहुल राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए खनन गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कायम करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिए केंद्र एवं राज्य स्तर पर समन्वित प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने सीसीएल और एसईसीएल जैसी कंपनियों को मजबूत करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिल सकती है।
वहीं, सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल-रानीगंज क्षेत्र में कोयला उद्योग की दक्षता के साथ श्रमिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने अवैध खनन को राजस्व के नुकसान के साथ श्रमिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बताते हुए प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में समिति के कार्यक्षेत्र से जुड़े विभिन्न विभागों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे और संबंधित विषयों पर जानकारी एवं सुझाव प्रस्तुत किए।