Orange hindi lohardaga live

पेंशनरों की पेंशन उनका हक है, भीख नहीं : सुखदेव भगत

By Team orange hindi

General
पेंशनरों की पेंशन उनका हक है, भीख नहीं : सुखदेव भगत

वित्त अधिनियम 2025 के वैलिडेशन कानून को लेकर पेंशनरों में आक्रोश, सांसद को सौंपा ज्ञापन

लोहरदगा। वित्त अधिनियम 2025 के वैलिडेशन कानून सहित पेंशनरों की विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड राज्य पेंशनर समाज, जिला शाखा लोहरदगा के सदस्यों ने आवाज बुलंद की। पेंशनरों का एक प्रतिनिधिमंडल मैना बगीचा, नदिया उच्च विद्यालय परिसर से जुलूस निकालते हुए लोहरदगा लोकसभा सांसद सुखदेव भगत के आवास पहुंचा और उन्हें ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार के समक्ष उनकी मांगों को रखने का आग्रह किया।

वैलिडेशन कानून को लेकर जताई नाराजगी

पेंशनर समाज के प्रतिनिधियों ने वित्त अधिनियम 2025 के वैलिडेशन क्लॉज को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि पेंशनरों के बीच पुराने और नए पेंशनर के नाम पर असमानता पैदा करने वाले प्रावधान को समाप्त किया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायादेश के आलोक में पेंशनरों के बीच पूर्व की भांति समानता बनाए रखने की मांग की।

सांसद को सौंपे ज्ञापन में रखीं कई मांगें

पेंशनर समाज ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 को प्रभावी रूप से लागू करने, विधवा बहू को पेंशन में प्राथमिकता देने तथा परित्यक्ता एवं विधवा पुत्री को पेंशन का अधिकार देने की मांग की।

इसके अलावा महंगाई को देखते हुए पेंशनरों के लिए महंगाई राहत सूचकांक निर्धारित करने, संसदीय समिति की 10 दिसंबर 2021 की 11वीं रिपोर्ट के अनुसार 65 वर्ष की आयु पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत तथा 75 वर्ष पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने की मांग भी रखी गई।

कम्यूटेड पेंशन की कटौती अवधि घटाने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने 40 प्रतिशत कम्यूटेड पेंशन की कटौती अवधि को कम करने की मांग की। पेंशनरों के अनुसार इसकी राशि लगभग 10 वर्ष 8 माह में ही समायोजित हो जाती है, इसलिए कटौती अधिकतम 11 वर्ष तक किए जाने की व्यवस्था होनी चाहिए।

आयकर से राहत और लंबित डीए भुगतान की मांग

पेंशनरों ने पेंशन को आयकर कटौती से मुक्त करने, कोरोना काल के दौरान लंबित 18 माह के महंगाई भत्ते (DA) का ब्याज सहित भुगतान करने तथा रेल यात्रा में पूर्व की तरह पेंशनरों को छूट देने की मांग की। साथ ही आठवें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) से संबंधित प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग भी सांसद के समक्ष रखी गई।

कैशलेस इलाज की सुविधा देने की मांग

पेंशनर समाज ने बाह्य रोगी (OPD) एवं आंतरिक रोगी (IPD) उपचार के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। प्रतिनिधियों ने कहा कि उम्रदराज पेंशनरों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और आर्थिक सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है।

सांसद ने कहा—पेंशन उनका अधिकार है

प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि पेंशनर समाज के बुजुर्गों ने अपना पूरा जीवन देश और राज्य की सेवा में समर्पित किया है। उनकी पेंशन उनका हक है, भीख नहीं।

उन्होंने कहा कि वित्त अधिनियम 2025 के वैलिडेशन क्लॉज को लेकर पेंशनरों ने जो चिंता जताई है, वह गंभीर विषय है। वे इस मामले को पूरी गंभीरता के साथ लोकसभा में उठाएंगे। साथ ही पेंशनरों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री तथा विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र भी प्रेषित करेंगे।

बड़ी संख्या में शामिल हुए पेंशनर

ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम में झारखंड राज्य पेंशनर समाज के जिलासचिव सह महासचिव महेश कुमार सिंह, राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन चन्द्रकान्त सिंह, मोहन मिंज, मो. जफर आलम, किसुन दास, घुरती उरांव, जयगोविंद साहू, बीरसो उरांव, वरदानी बेक कच्छप, देवमुनि कुजूर, आशामनि लकड़ा, मंजू तिग्गा, जानकी देवी, तारामनी देवी, ज्योति नाग, मेझरन कुजूर, जतरी उरांव सहित बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।

और पढ़ें