राज्यसभा चुनाव पर छिड़ा सियासी संग्राम, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का तीखा हमला
By Team Lohardaga live

लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश, निष्पक्ष चुनाव पर उठे गंभीर सवाल : सुखदेव भगत
लोहरदगा/नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने इस फैसले को लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर आघात बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और न्यायपूर्ण चुनाव व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है।
सुखदेव भगत ने कहा कि झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशियों को आपत्तियों और तकनीकी त्रुटियों पर अपना पक्ष रखने तथा आवश्यक स्पष्टीकरण देने का अवसर प्रदान किया गया था, लेकिन मीनाक्षी नटराजन के मामले में ऐसी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी प्राथमिकी या आपराधिक मामले के आधार पर नामांकन निरस्त किया जाना प्राकृतिक न्याय और लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में सभी प्रत्याशियों के लिए समान मानदंड लागू होना आवश्यक है। यदि अलग-अलग मामलों में अलग-अलग तरीके अपनाए जाएंगे तो चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करती हैं।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह फैसला राजनीतिक दबाव और पक्षपातपूर्ण रवैये का परिणाम है। पार्टी ने चुनाव आयोग से पूरे मामले की समीक्षा करने और निष्पक्ष हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही, न्यायिक विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
सुखदेव भगत ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा, चुनावी अधिकारों की सुरक्षा और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए हर संवैधानिक और कानूनी रास्ते का उपयोग करेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती पारदर्शिता, समान अवसर और न्यायपूर्ण व्यवस्था पर निर्भर करती है तथा किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार्य नहीं हो सकता।
इस घटना को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में व्यापक नाराजगी देखी जा रही है। कई स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं और पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है।
