पंद्रह वर्ष पुराने व्यावसायिक वाहनों के रोड परमिट रोकने के विरोध में जनहित याचिका दायर
By Teem Lohardaga live

लोहरदगा–गुमला ट्रक ओनर एसोसिएशन ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया
लोहरदगा–गुमला ट्रक ओनर एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष कवलजीत सिंह ने 14 नवंबर 2025 को झारखंड हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि झारखंड सरकार ने बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्ट आदेश के 15 वर्ष से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों के रोड परमिट दक्षिण छोटानागपुर प्रमंडल (रांची) और उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल (हजारीबाग) में रोक दिए हैं। इसके चलते इन जिलों में चलने वाले व्यावसायिक वाहनों को परमिट निर्गत नहीं किया जा रहा है, जबकि उन्हीं वाहनों से नियमित रूप से रोड टैक्स वसूला जा रहा है।
ट्रक मालिकों का कहना है कि सरकार एक ओर रोड टैक्स जमा करने को कह रही है और दूसरी ओर परमिट नहीं दे रही है। सड़क पर वाहनों के उतरने पर परमिट न होने के कारण 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। वाहन मालिकों के अनुसार संबंधित कार्यालयों से कारण पूछे जाने पर स्पष्ट रूप से कहा जा रहा है कि किसी भी प्रकार का लिखित आदेश, नोटिस या पत्र उपलब्ध नहीं है, फिर भी परमिट जारी नहीं किया जाएगा। इसे एसोसिएशन ने सरकार की मनमानी करार दिया है, जो हजारों–लाखों मध्यवर्गीय परिवारों की रोजी–रोटी पर संकट उत्पन्न कर रही है।
याचिका में झारखंड सरकार, सचिव–परिवहन सह परिवहन आयुक्त, उप परिवहन आयुक्त दक्षिण छोटानागपुर (रांची) तथा उप परिवहन आयुक्त उत्तरी छोटानागपुर (हजारीबाग) को पक्षकार बनाया गया है। प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता राजीव कुमार और लाल विक्रम नाथ शाहदेव ने पैरवी की है।
इस पहल से लोहरदगा, गुमला और लातेहार जिलों के ट्रक मालिकों में उम्मीद जगी है कि न्यायालय जल्द हस्तक्षेप करेगा और रोड परमिट निर्गत होने से उनका व्यवसाय फिर से सुचारू रूप से चल सकेगा।
