Orange hindi lohardaga live

नगर परिषद की खरीदारी पर सवाल, स्टोर में मिलीं 1500 स्ट्रीट लाइटें

By Team orangehindi

General
नगर परिषद की खरीदारी पर सवाल, स्टोर में मिलीं 1500 स्ट्रीट लाइटें
नगर परिषद की खरीदारी पर सवाल, स्टोर में मिलीं 1500 स्ट्रीट लाइटें
नगर परिषद की खरीदारी पर सवाल, स्टोर में मिलीं 1500 स्ट्रीट लाइटें

पार्षदों ने जेसीबी, टीपर व ट्रैक्टर की खरीद के दस्तावेजों की जांच की मांग की, अध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार

लोहरदगा। लोहरदगा नगर परिषद में विभिन्न सामग्रियों और वाहनों की खरीद को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। नगर परिषद उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर समेत कई पार्षदों ने खरीद प्रक्रिया, भुगतान, स्टॉक और बोर्ड के निर्णयों की जांच कराने की मांग की है। वहीं, नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि खरीदारी समेत सभी निर्णय नियमों के तहत बोर्ड की बैठक में लिए गए हैं।

मामला उस समय चर्चा में आया, जब वार्ड 15 की पार्षद सीमा देवी ने अपने क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट उपलब्ध कराने की मांग की। पार्षद के अनुसार, उन्हें स्टोर में लाइट उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर समेत जनप्रतिनिधियों ने पुराने नगरपालिका कार्यालय परिसर स्थित स्टोर का निरीक्षण किया। पार्षदों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान वहां करीब 1500 नई स्ट्रीट लाइटें रखी मिलीं। इसके बाद लाइटों की खरीद और वितरण व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।

पार्षदों ने स्टॉक रजिस्टर, खरीद संबंधी अभिलेख और वितरण का मिलान कराने की मांग की है। इसके अलावा जेसीबी मशीन, टीपर और ट्रैक्टर समेत अन्य सामग्रियों की खरीद प्रक्रिया की भी जांच की मांग की गई है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पिछले करीब चार माह से बोर्ड की बैठक नहीं होने के बावजूद कोटेशन आदि के माध्यम से बड़ी राशि की खरीदारी किए जाने की बात सामने आई है।

उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर के साथ माहेत तलत, रिफत तबस्सुम, वारिस अंसारी, कुमार अभिषेक, विक्रम उरांव, मोकीम खान, सीमा देवी, रवि महली और अशोक रजक समेत अन्य पार्षदों ने खरीद से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग की है।

इधर, अध्यक्ष अनिल उरांव ने कहा कि नगर परिषद की खरीदारी और अन्य निर्णय निर्धारित नियमों के अनुरूप बोर्ड की बैठकों में लिए गए हैं। उन्होंने लगाए गए आरोपों को सही नहीं बताया।

पार्षदों के आरोप और अध्यक्ष के स्पष्टीकरण के बीच अब संबंधित अभिलेखों की जांच पर मामले की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

और पढ़ें