तंबाकू नियंत्रण को लेकर लोहरदगा में छापेमारी, 10 दुकानदारों पर कार्रवाई
By Team orange hindi

कोटपा के उल्लंघन पर 3,150 रुपये जुर्माना वसूला, दुकानदारों और लोगों को किया जागरूक
लोहरदगा। सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लोहरदगा सदर क्षेत्र में विशेष जांच एवं छापेमारी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 10 दुकानदारों पर कार्रवाई करते हुए कुल 3,150 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
शंख पिकेट से बस स्टैंड तक हुई जांच
तंबाकू नियंत्रण कोषांग, लोहरदगा के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान शंख पिकेट, पतराटोली, पतराटोली पेट्रोल पंप के आसपास तथा लोहरदगा बस स्टैंड के सामने स्थित करीब 25 से 30 दुकानों की जांच की गई। अभियान में प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, थाना प्रभारी, गश्ती दल सहित तंबाकू नियंत्रण कोषांग और आईडीएसपी विभाग के प्रतिनिधि शामिल रहे।
कोटपा की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन पर कार्रवाई
जांच के दौरान कोटपा की धारा 4, 6A और 6B से संबंधित प्रावधानों की जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई करते हुए अर्थदंड वसूला गया।
धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। वहीं धारा 6A के तहत 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पाद बेचने पर रोक है। धारा 6B के तहत शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है।
दुकानदारों और आम लोगों को किया जागरूक
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों और आम नागरिकों को कोटपा के प्रावधानों की जानकारी दी। लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी गंभीर नुकसान के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान नहीं करने और तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रावधानों का पालन करने की अपील की।
लगातार जारी रहेगा जांच अभियान
जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि तंबाकू नियंत्रण कानून का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे। रेस्टोरेंट, होटल, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध संबंधी साइनेज बोर्ड लगाने की भी सलाह दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, जागरूकता और नियमित निगरानी के माध्यम से जिले में तंबाकू सेवन को नियंत्रित करने तथा तंबाकू मुक्त वातावरण तैयार करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।