Orange hindi lohardaga live

लोहरदगा में सड़क सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल, ब्रेकडाउन ट्रक से टकराकर बाइक चालक की मौत

By Team Lohardaga live

Accident
मौके पर पहुंची एंबुलेंस और लोगों की भीड़

वाहनों की अनियमित जांच और लापरवाही बनी मौत का कारण, परिजनों ने कार्रवाई और मुआवजे की उठाई मांग

लोहरदगा। जिले में लगातार सड़क दुर्घटनाओं में मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और वाहन चालकों की लापरवाही ने आम लोगों की जान जोखिम में डाल दी है। जिले में वाहन जांच के नाम पर केवल हेलमेट की औपचारिक जांच होती है, जबकि सबसे अधिक खतरा पैदा करने वाले सवारी टेम्पो, भारी मालवाहक ट्रक और खासकर बॉक्साइट लदे वाहनों पर किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई नहीं दिखती।

ताज़ा मामला सेन्हा थाना क्षेत्र के भड़गांव ईंट भट्ठा के समीप का है, जहां गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बॉक्साइट लदा ट्रक (संख्या BR42G 0155) डीज़ल खत्म होने के कारण NH-143A पर बीच सड़क में ही ब्रेकडाउन होकर खड़ा हो गया था। ट्रक चालक की गंभीर लापरवाही के चलते पीछे किसी तरह का सुरक्षा संकेत, रेडियम रिफ्लेक्टर या चेतावनी चिह्न भी नहीं लगाया गया था।

उसी दौरान घाघरा से अपने घर अरु ग्राम लौट रहे शिव कुमार रवि (पुत्र स्व. बिगन राम) खड़ी ट्रक के पीछे टकरा गए। सामने से आ रही गाड़ियों की तेज रोशनी में ब्रेकडाउन ट्रक दिखाई नहीं देने के चलते शिव कुमार के सिर में गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

घटना की खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शव उठाने से इंकार करते हुए ट्रक चालक पर कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग करने लगे। सूचना पाकर सेन्हा अंचलाधिकारी पंकज कुमार भगत घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सरकारी प्रावधान के अनुसार सभी लाभ उपलब्ध करवाने और संबंधित ट्रक पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सेन्हा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ब्रेकडाउन ट्रक के आगे कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण दुर्घटना हुई। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से बड़े वाहनों और सवारी टेम्पो की नियमित जांच करने तथा यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।

यह घटना जिले में व्याप्त अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बनकर सामने आई है, जिससे जनमानस में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।