पेसा नियमावली-2025 पर राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित
By Team Lohardaga live

ग्राम सभाओं के अधिकार, स्थानीय स्वशासन और विकास योजनाओं में सहभागिता पर हुई विस्तृत चर्चा
लोहरदगा। जिला परिषद सभाकक्ष, लोहरदगा में गुरुवार को पेसा नियमावली, झारखंड-2025 के संबंध में राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पेसा नियमावली के विभिन्न प्रावधानों, ग्राम सभाओं की भूमिका तथा अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर्स ने प्रतिभागियों को पेसा नियमावली के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार प्रदान करना तथा विकास योजनाओं में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि नियमावली के तहत ग्राम सभाओं को स्थानीय संसाधनों के संरक्षण, विकास योजनाओं की निगरानी, सामाजिक अंकेक्षण, पारंपरिक व्यवस्थाओं के संरक्षण तथा सामुदायिक हितों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए हैं।
कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि नियमावली में ग्राम सभा की नियमित बैठकें आयोजित करने, योजनाओं की स्वीकृति एवं निगरानी, सरकारी एवं गैर-सरकारी एजेंसियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा, उपलब्ध श्रमबल के उपयोग की योजना तैयार करने, प्रवासी श्रमिकों से संबंधित सूचना एवं संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।
वक्ताओं ने बताया कि ग्राम सभा को विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच करने तथा आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों को सुझाव देने का अधिकार भी प्राप्त होगा। साथ ही ग्राम पंचायत एवं अन्य संस्थाओं को ग्राम सभा के प्रति जवाबदेह बनाने का प्रावधान भी नियमावली में किया गया है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं अन्य प्रतिभागियों ने पेसा नियमावली के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सुझाव दिए। वक्ताओं ने कहा कि पेसा नियमावली अनुसूचित क्षेत्रों में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को मजबूत करने और स्थानीय समुदायों को निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम का उद्देश्य पेसा नियमावली के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इसके प्रावधानों की जानकारी आमजन एवं संबंधित हितधारकों तक पहुंचाना था।
कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव, उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम, आईटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
