शुभम साहू हत्याकांड का खुलासा, 40 घंटे के भीतर दो आरोपी गिरफ्तार
By Team Lohardaga live

हत्या में प्रयुक्त देशी कट्टा, जिंदा कारतूस और मोबाइल बरामद; दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
लोहरदगा। पतराटोली स्थित प्रिया स्टोर के संचालक युवा व्यवसायी शुभम साहू की हत्या के मामले में लोहरदगा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए घटना के लगभग 40 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया है। मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में किया।
एसपी ने बताया कि 30 जुलाई को दोनों आरोपियों ने पहले शहर के अपर बाजार स्थित खत्री ज्वेलर्स और पतराटोली स्थित एक पेट्रोल पंप पर लूट का प्रयास किया। दोनों जगह असफल रहने के बाद उन्होंने प्रिया स्टोर में घुसकर संचालक शुभम साहू को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने लोहरदगा के ओएना क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी जिले से बाहर भागने की फिराक में थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र निवासी असमथ रजा तथा लोहरदगा सदर थाना क्षेत्र के कुरसे निवासी रौशन लाल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, रौशन लाल का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ रांची तथा लोहरदगा जिले के विभिन्न थानों में गोलीबारी, रंगदारी और आर्म्स एक्ट सहित करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में भी जेल जा चुका है।
प्रेस वार्ता में एसपी सादिक अनवर रिजवी ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में एक आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे संदेह था कि मृतक शुभम साहू प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के पूर्व कमांडर संदीप भगत के लिए मुखबिरी करता था। इसी संदेह के आधार पर हत्या की साजिश रची गई। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।
एसपी ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।