मुश्किल हालात में बच्चों का सहारा बनी प्रायोजन योजना
By Team orangehindi

132 परिवारों को मिल रहा लाभ, बच्चों को हर माह 4 हजार रुपये की मदद
लोहरदगा। परिवार पर आई विपरीत परिस्थितियों के बीच बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में प्रायोजन योजना मददगार साबित हो रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग की इस योजना के तहत पात्र बच्चों को प्रतिमाह 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) और जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) के माध्यम से योजना का संचालन किया जा रहा है।
योजना का लाभ ऐसे बच्चों को दिया जाता है, जिनके माता-पिता या कमाने वाले अभिभावक की मृत्यु हो गई हो। गंभीर बीमारी से पीड़ित माता-पिता या बच्चे तथा अभिभावक के जेल में होने जैसी परिस्थितियों में भी निर्धारित पात्रता के आधार पर सहायता दी जाती है। सहायता अधिकतम तीन साल या बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो पहले हो, मिलती है।
परिवार की वार्षिक आय 75 हजार रुपये से कम होना जरूरी है। स्वीकृति के बाद राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। आवेदन के लिए आय प्रमाण पत्र, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु, बीमारी या जेल से संबंधित प्रमाण पत्र, संयुक्त बैंक पासबुक और आधार कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष कुंती साहू ने बताया कि वर्तमान में जिले के 132 परिवार योजना का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्देश्य है कि आर्थिक या पारिवारिक संकट के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई न छूटे और उसे मजबूरी में बाल गृह या अनाथालय का सहारा न लेना पड़े। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र बच्चों तक भी योजना का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।