गुमला को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग को संसद तक ले गए थे सुदर्शन भगत
By Team orangehindi

संसद में कई बार उठाया था लोहरदगा–गुमला–जशपुर–कोरबा रेल मार्ग का मुद्दा, अब जमीन पर आगे बढ़ रही परियोजना से क्षेत्र में उत्साह
लोहरदगा। गुमला जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने की लंबे समय से चली आ रही मांग अब धरातल पर आगे बढ़ रही है। इस मांग को संसद में प्रमुखता से उठाने वाले लोहरदगा के पूर्व सांसद सुदर्शन भगत की भूमिका एक बार फिर चर्चा में है। क्षेत्र में रेल सुविधा की जरूरत को लेकर उन्होंने लोकसभा में कई अवसरों पर आवाज उठाई थी।
सुदर्शन भगत ने 13 मार्च 2013 को लोकसभा में गुमला को रेल संपर्क से जोड़ने की आवश्यकता रखी थी। उन्होंने लोहरदगा–गुमला–जशपुर–कोरबा रेल मार्ग की जरूरत बताते हुए कहा था कि रेल संपर्क से क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है।
इसके बाद 12 जुलाई 2019 को रेलवे मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान उन्होंने गुमला को रेल नेटवर्क से जोड़ने का मुद्दा उठाया। 23 जुलाई 2019 को नियम 377 के तहत विशेष उल्लेख के माध्यम से उन्होंने रांची–लोहरदगा–गुमला–जशपुर–कोरबा नई रेल लाइन की मांग संसद में रखी। उन्होंने रेल मंत्रालय के समक्ष इस संबंध में पहले भी कई बार आवेदन दिए जाने की जानकारी सदन में दी थी।
10 फरवरी 2020 को भी उन्होंने लोकसभा में गुमला जिले को रेल सेवा से जोड़ने की मांग दोहराई। उन्होंने रेल संपर्क को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया था।
अब गुमला को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में परियोजना संबंधी कार्य आगे बढ़ने से क्षेत्रवासियों में उत्साह है। रेल सुविधा मिलने की उम्मीद से गुमला और लोहरदगा जिले के लोगों में खुशी का माहौल है। समर्थकों ने इसके लिए केंद्र सरकार और पूर्व सांसद सुदर्शन भगत के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए बधाई दी है।