करम पर्व पर सुखैर भगत ने बांटी सांस्कृतिक साड़ियां, कहा- समाज की खुशियों में सहभागी बनना हमारा दायित्व
By Team orangehindi

बचपन के संघर्षों को याद कर बोले- माता-पिता की कठिनाइयों ने समाजसेवा की प्रेरणा दी
किस्को, लोहरदगा। प्रकृति और संस्कृति के पर्व करम के अवसर पर किस्को प्रखंड के हिसरी गांव में आदिवासी माता-बहनों के बीच सांस्कृतिक साड़ियों का वितरण किया गया। जिला कांग्रेस कमिटी के जिलाध्यक्ष एवं चाला इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर सुखैर भगत के सौजन्य से आयोजित इस पहल में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल हुईं।
कार्यक्रम के दौरान सुखैर भगत ने कहा कि करम पर्व आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, प्रकृति के प्रति आस्था और भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है। उन्होंने अपने बचपन के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उनके माता-पिता त्योहारों पर बच्चों के लिए कपड़े जुटाने का प्रयास करते थे। कई बार इसके लिए घर का धान-चावल तक बेचना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि संघर्ष के वे दिन आज भी स्मृतियों में हैं। ईश्वर की कृपा से जब कुछ करने की स्थिति बनी है, तो समाज की खुशियों में अपनी क्षमता के अनुसार सहभागी बनना भी दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि जरूरतमंद परिवारों के बीच सहयोग और अपनत्व की भावना मजबूत हो तथा आदिवासी संस्कृति और परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रहें।
उन्होंने करम पर्व पर सभी के सुख, शांति, समृद्धि और आपसी प्रेम की कामना की। कार्यक्रम में प्रदेश प्रतिनिधि नेसार अहमद, जिला सोशल मीडिया प्रभारी प्रकाश उरांव, ओबीसी स्टेट कोऑर्डिनेटर संतोष महतो, ग्राम प्रधान संदीप उरांव, शेख सादिक, रिजवान मीर, मो. आजम, विश्राम उरांव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आदिवासी माता-बहनें मौजूद थीं।