वोट के अधिकार और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सुखदेव भगत का तीखा हमला
By Team orangehindi

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा—चुनाव आयोग को सरकारी दफ्तर की तरह चलाने का काम हुआ
लोहरदगा। लोहरदगा के सांसद सह छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखी टिप्पणी की है। एसआईआर और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच भगत ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मामला किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा है। उनके बयान की रिपोर्ट 26 सितंबर को प्रकाशित हुई है।
भगत ने कहा कि संविधान ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था के रूप में जिम्मेदारी दी है। यदि आयोग किसी राजनीतिक दल या सरकार के पक्ष में काम करता है तो यह संवैधानिक व्यवस्था के विपरीत होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को सरकारी विभाग की तरह संचालित किया गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर टिप्पणी करते हुए भगत ने कहा कि उनके अनुसार जिस पद पर ज्ञानेश कुमार हैं, उसके अनुरूप उनकी जिम्मेदारी और कथित कृत्यों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें ‘काले पानी की सजा’ मिलनी चाहिए। यह बयान भगत की व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणी के रूप में सामने आया है; किसी न्यायिक निर्णय के रूप में नहीं।