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डीईओ चाईबासा के विरुद्ध शिक्षक संघ गोलबंद

By Team lohardaga live

Education

झारखंड +2 शिक्षक संघ ने माध्यमिक शिक्षा निर्देशक को सौपा ज्ञापन, अनुशासनिक कार्रवाई और निलंबन आदेश तत्काल निरस्त करने की मांग

लोहरदगा। चाईबासा डीईओ की मनमानी और प्रतिशोधपूर्ण कार्रवाई के विरुद्ध झारखण्ड +2 शिक्षक संघ ने सोमवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक से भेंट कर जिला शिक्षा पदाधिकारी, पश्चिम सिंहभूम, चाईबासा की अक्षमता, विभागीय आदेशों की अवहेलना और प्रतिशोध की भावना से प्रेरित अनुचित कार्रवाई के विरुद्ध एक ज्ञापन सौंपा हैं। उक्त ज्ञापन में डीईओ द्वारा नव नियुक्त पीजीटी शिक्षकों एवं प्रयोगशाला सहायकों के कई महिनों के वेतन भुगतान में जानबूझकर विलंब करने, उच्चाधिकारियों के निर्देशों की उपेक्षा करने तथा संघ के प्रांतीय महासचिव राकेश कुमार सहित अन्य शिक्षकों पर अप्रमाणिक आरोप लगाकर अनधिकृत रूप से निलंबित करने की घटना का उल्लेख किया गया है।

*क्या है मामला*

पश्चिमी सिंहभूम में नवनियुक्त प्लस टू शिक्षक एवं प्रयोगशाला सहायकों का वित्तीय वर्ष 2024- 25 के कुछ महिनों का भुगतान मार्च 2025 में नहीं किया गया। अप्रैल 2025 में वित्तीय वर्ष 2025-26 के वेतनादि भुगतान के लिए आवंटन निदेशालय से निर्गत किया गया। संघ के द्वारा पश्चिमी सिंहभूम के जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो को बार बार बकाया वेतन भुगतान के बारे में कहा गया। फिर भी सितंबर 2025 तक भी बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया। 8 सितंबर 2025 को संघ के द्वारा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा को इस मामले को संज्ञान में दिया गया। निदेशक के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को तीन दिनों के अंदर बकाया वेतन भुगतान करने का आदेश 12 सितंबर 2025 को जारी किया गया। इसके बावजूद भी जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा वेतन भुगतान नहीं किया गया। 18 सितंबर 2025 को निदेशक के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी का वेतन स्थगित कर बकाया वेतन भुगतान नहीं करने का स्पष्टीकरण मांगा गया। इसी के प्रतिशोध में और अपनी लापरवाही या गलत मंशा को छुपाने के लिए संघ के महासचिव राकेश कुमार सहित अन्य दो शिक्षकों को अनर्गल और अप्रामाणिक निलंबित कर दिया गया।

संघ के प्रांतीय अध्यक्ष योगेन्द्र प्रसाद ठाकुर ने बताया कि यह कार्रवाई न केवल "झारखण्ड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियुक्ति एवं अपील) नियमावली 2016" का स्पष्ट उल्लंघन है, बल्कि राज्य स्तरीय अधिकारियों के क्षेत्राधिकार पर भी अतिक्रमण है।

प्रांतीय संरक्षक सुनील कुमार ने कहा, "यह घटना विभागीय आदेशों और शिक्षक हितों के प्रति डीईओ की घोर लापरवाही को उजागर करती है। संघ यह मांग करते हैं कि डीईओ के विरुद्ध तत्काल अनुशासनिक कार्रवाई की जाए तथा राकेश कुमार एवं अन्य प्रभावित शिक्षकों के निलंबन आदेश यथाशीघ्र निरस्त किए जाएं। अन्यथा संघ आंदोलन को बाध्य होगा। इधर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष योगेंद्र प्रसाद ठाकुर ने बताया कि निर्देशक ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच कराई जाएगा।