शव यात्रा को लेकर दो गांवों में तनाव, लोहरदगा–बेड़ों मुख्य पथ तीन घंटे जाम
By Team Lohardaga live

प्रशासन की मौजूदगी में कराया गया अंतिम संस्कार, क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील
लोहरदगा। जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र अंतर्गत सेरेंगहातू–सीठियो कोयल नदी घाट पर शव यात्रा को लेकर उत्पन्न विवाद ने मंगलवार को तनावपूर्ण रूप ले लिया। सरना समाज द्वारा शव यात्रा रोके जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने लोहरदगा–बेड़ों मुख्य पथ को जाम कर दिया, जिससे करीब तीन घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
जानकारी के अनुसार सीठियो गांव निवासी पूनिया देवी के निधन के बाद ग्रामीण शव यात्रा निकालकर अंतिम संस्कार के लिए सीठियो नदी घाट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सेरेंगहातू गांव के सरना समाज के लोगों ने मसना का रास्ता बताते हुए शव यात्रा को रोक दिया। इस पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही सेन्हा थाना प्रभारी नीरज झा एवं अंचलाधिकारी पंकज भगत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख बाद में लोहरदगा के उपायुक्त डॉ कुमार ताराचंद, पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी तथा अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
प्रशासन ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से वार्ता कर संबंधित मार्ग को सरकारी रास्ता बताया और प्रशासनिक निगरानी में अंतिम संस्कार संपन्न कराया। हालांकि इस दौरान सरना समाज के लोग शव यात्रा का विरोध करते रहे।
तनाव को देखते हुए पूरे सीठियो नदी घाट क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल एवं एसएसबी की टीम की तैनाती कर दी गई, जिससे इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। इधर सीठियो गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन से सरकारी रास्ते से श्मशान घाट तक स्थायी मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस संबंध में उपायुक्त डॉ कुमार ताराचंद ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि स्थिति पूरी तरह जिला प्रशासन के नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी के बहकावे में न आने की अपील की। प्रशासन द्वारा मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है।
