सफल किसान बनने के लिए जोखिम उठाना जरूरी : उपायुक्त डॉ ताराचंद
By Team Lohardaga live

जिला स्तरीय किसान मेला-सह-कृषि उत्पाद प्रदर्शनी में दिया संदेश
लोहरदगा। जिला स्तरीय किसान मेला-सह-कृषि उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन शुक्रवार को प्रखंड कार्यालय परिसर, लोहरदगा में किया गया। मेला-सह-प्रदर्शनी का उद्घाटन उपायुक्त डॉ ताराचंद ने फीता काटकर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सफल किसान बनने के लिए जोखिम उठाना जरूरी है। किसान यदि पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीक और बाजार की मांग के अनुसार फसल उत्पादन करें, तो उनकी आय में वृद्धि संभव है।
एक के बजाय दो फसल लेने पर दें जोर
उपायुक्त ने कहा कि लोहरदगा जिले में अधिकांश किसान वर्ष में केवल एक ही फसल लेते हैं, जबकि वर्ष में कम से कम दो फसल ली जा सकती हैं। इसके लिए वर्षा जल संचयन के उपाय अपनाने की आवश्यकता है। यदि किसान बारिश के पानी को संरक्षित करने की तकनीक अपनाएं तो खेती में सफलता निश्चित है।
उन्होंने कहा कि किसान को सफल बनने के लिए बाजार की मांग को समझते हुए फसल का चयन करना चाहिए, ताकि उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।
टपक सिंचाई से दूर हो सकती है पानी की समस्या
उपायुक्त ने कहा कि जिले में सिंचाई की समस्या को दूर करने के लिए नहर, कूप सहित कई योजनाएं संचालित हैं। इसके साथ ही किसान टपक सिंचाई पद्धति अपनाकर कम पानी में बेहतर उत्पादन कर सकते हैं। तकनीकी जानकारी के लिए किसान कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
मसाला फसलों की खेती से बढ़ रही किसानों की उम्मीद
उपायुक्त ने बताया कि सलगी पंचायत के रोचो बरवाटोली में कुछ किसान परिवारों ने काली मिर्च, इलायची और वेनिला की खेती शुरू की है। इसमें जैविक खाद का प्रयोग किया जा रहा है। एक वर्ष बाद जब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे तो अन्य किसान भी इससे प्रेरित होंगे।
पंप सेट का वितरण, लगे कई कृषि स्टॉल
कार्यक्रम में भूमि संरक्षण विभाग की ओर से किसानों के बीच पंप सेट का वितरण किया गया। किसान मेला में बड़ी संख्या में कृषि से संबंधित स्टॉल लगाए गए, जहां आधुनिक कृषि उपकरण, बीज और तकनीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि साजिद अहमद, लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि निशीथ जायसवाल, विशुनपुर विधायक प्रतिनिधि अजहर इकबाल ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी कालेन खलखो, सभी बीटीएम, एटीएम तथा बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।
