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लाखों के पर्यटन संसाधन तालाब किनारे पड़े, नगर परिषद की व्यवस्था पर उठे सवाल

By ऑरेंज हिंदी

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लाखों के पर्यटन संसाधन तालाब किनारे पड़े, नगर परिषद की व्यवस्था पर उठे सवाल

विक्टोरिया तालाब में नौका विहार की योजना बदहाल, खरीदी गई नावों के रखरखाव और रिकॉर्ड को लेकर स्थानीय लोगों ने मांगा जवाब

लोहरदगा। शहर की पहचान से जुड़े विक्टोरिया तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की नगर परिषद की योजना अब सवालों के घेरे में है। नौका विहार के लिए खरीदी गई नावों में से कुछ लंबे समय से तालाब के किनारे बेकार पड़ी हैं और जर्जर होती जा रही हैं। इससे योजना के क्रियान्वयन और संसाधनों के रखरखाव को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

दैनिक जागरण में छपी खबर के अनुसार पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर परिषद की ओर से 10 पैडल बोट, मोटर बोट और लाइफ जैकेट की खरीद किए जाने की बात सामने आई है। वर्तमान में तीन नावें तालाब किनारे खराब हालत में दिखाई दे रही हैं। वहीं, शेष नावों की वर्तमान स्थिति, संख्या और उपयोग से संबंधित स्पष्ट सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं होने को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा है।

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक योजना में खरीद से लेकर संचालन और रखरखाव तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उनका कहना है कि नगर परिषद को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नावों की खरीद पर कितनी राशि खर्च हुई, संचालन की जिम्मेदारी किसे दी गई और वर्तमान में खरीदे गए संसाधनों की स्थिति क्या है।

जनप्रतिनिधियों के अनुसार, नई योजना शुरू करने से पहले पुरानी योजना के तहत हुए खर्च और उपलब्ध संसाधनों की स्थिति की निष्पक्ष समीक्षा जरूरी है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि योजना किन कारणों से अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी और सरकारी राशि से खरीदे गए संसाधनों का समुचित उपयोग क्यों नहीं हो पाया।

बताया जा रहा है कि विक्टोरिया तालाब को पर्यटन विभाग के माध्यम से विकसित करने और नए सिरे से नौका विहार शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि, पुरानी योजना के संसाधनों और खर्च की स्थिति स्पष्ट किए बिना नई योजना शुरू किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर संसाधनों की वास्तविक स्थिति और पूर्व में हुए खर्च का सार्वजनिक ब्योरा सामने लाता है या नहीं।

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