Orange hindi lohardaga live

माइंस की दूरी और समय निर्धारण पर भड़के ट्रक मालिक, 21 सितंबर से 1500 ट्रकों की हड़ताल की चेतावनी

By Team orange hindi

General
माइंस की दूरी और समय निर्धारण पर भड़के ट्रक मालिक, 21 सितंबर से 1500 ट्रकों की हड़ताल की चेतावनी

डीएमओ की कार्रवाई के खिलाफ पुराना समाहरणालय के सामने धरना, एसोसिएशन ने कहा—वास्तविक दूरी के आधार पर हो समय का निर्धारण

माइंस की दूरी और समय निर्धारण पर भड़के ट्रक मालिक, 21 सितंबर से 1500 ट्रकों की हड़ताल की चेतावनी

लोहरदगा। माइंस से बॉक्साइट परिवहन के दौरान दूरी और निर्धारित समय को लेकर ट्रक मालिकों और जिला खनन विभाग के बीच विवाद गहराता जा रहा है। शनिवार को लोहरदगा-गुमला ट्रक ऑनर एसोसिएशन के बैनर तले ट्रक मालिकों ने पुराना समाहरणालय के सामने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर जिला खनन पदाधिकारी की कार्रवाई पर विरोध जताया। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं हुई तो 21 सितंबर से करीब 1500 ट्रक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

एसोसिएशन का आरोप है कि माइंस से गंतव्य तक की वास्तविक दूरी कम दर्ज कर ट्रकों के लिए ऐसा समय निर्धारित किया जा रहा है, जिसे पहाड़ी और व्यस्त मार्गों की परिस्थितियों में पूरा करना व्यावहारिक नहीं है। इसी आधार पर वाहनों के खिलाफ कार्रवाई और जुर्माना किए जाने का भी ट्रक मालिकों ने दावा किया।

एसोसिएशन के अनुसार ऊपर पाट क्षेत्र के कुजाम माइंस से हेसल की वास्तविक दूरी करीब 115 किलोमीटर है, जबकि विभागीय स्तर पर इसे करीब 64 किलोमीटर बताया जा रहा है। ट्रक मालिकों का कहना है कि इस दूरी के आधार पर तीन से चार घंटे का समय निर्धारित किया गया है, जबकि मार्ग में तीन फॉरेस्ट चेकनाका सहित कई ऐसे स्थान हैं, जहां वाहनों को आवश्यक प्रक्रियाओं के कारण रुकना पड़ता है।

अध्यक्ष कंवलजीत सिंह ने कहा कि सड़क पर हाट-बाजार, स्कूलों के आसपास भीड़, जाम, नो-एंट्री, वीआईपी मूवमेंट, धरना-प्रदर्शन, जुलूस और अन्य आयोजनों के कारण यात्रा का समय प्रभावित होता है। इसके अलावा वाहन खराब होने, भोजन और चालक के विश्राम जैसी वास्तविक परिस्थितियों को भी समय निर्धारण में ध्यान में रखा जाना चाहिए।

एसोसिएशन ने दावा किया कि गुरदरी, अमतीपानी, कुजाम, चिरोडीह, भैंसबथान और सेरेंगदाग समेत अन्य माइंसों की दूरी को लेकर भी इसी तरह की समस्या है। ट्रक मालिकों ने मांग की कि सभी माइंसों की दूरी का वास्तविक आधार पर पुनर्निर्धारण किया जाए और उसी के अनुरूप वाहनों के संचालन का समय तय हो।

धरनास्थल पर एसोसिएशन ने कथित तौर पर गलत तरीके से जब्त किए गए वाहनों को छोड़ने और कार्रवाई के मामलों की समीक्षा करने की मांग भी रखी। पदाधिकारियों का कहना था कि कई वाहन मालिकों पर भारी आर्थिक दंड का बोझ पड़ रहा है, जिससे परिवहन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।

एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि ट्रक मालिक नियमों का पालन करते हुए परिवहन करना चाहते हैं, लेकिन नियमों के निर्धारण में जमीनी परिस्थितियों को शामिल किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 21 सितंबर से ऊपर पाट क्षेत्र से संचालित करीब 1500 ट्रकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

धरना में एसोसिएशन के सचिव मुद्रिका यादव, रहमान अंसारी, रोहित अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अभय सिंह, सह कोषाध्यक्ष इरफान दानिश, उपाध्यक्ष शशिकांत लाल दास, हरिचरण प्रसाद साहू, जतरू मुंडा, तारकेश्वर महतो, जसबीर एक्का, मुंतज़िर आलम, इम्तेयाज उर्फ बबलू, मुमताज आलम समेत बड़ी संख्या में ट्रक मालिक शामिल हुए।

वहीं, ट्रक मालिकों की ओर से लगाए गए आरोपों पर जिला खनन विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही कार्रवाई और दूरी निर्धारण की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

और पढ़ें