नियमितीकरण की मांग पर एमपीडब्ल्यू कर्मियों का दो दिवसीय धरना शुरू, श्रावणी मेला ड्यूटी बहिष्कार की चेतावनी
By Team Lohardaga live

लोहरदगा सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन, 2008 से सिर्फ आश्वासन मिलने का आरोप; मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन और नियमित कार्यों के बहिष्कार की घोषणा।
लोहरदगा। अपनी लंबित मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के झारखंड एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ ने लोहरदगा सिविल सर्जन कार्यालय के समीप दो दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है. कर्मचारी अपनी मुख्य मांग, नियमितीकरण, को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं. संघ के नेताओं का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं, लेकिन अब तक सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले हैं. कोई ठोस कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर आखिरकार कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा. धरना पर बैठे कर्मियों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि साल 2008 से सरकार उन्हें कई बार मांगों को पूरा करने का भरोसा दे चुकी है. लेकिन धरातल पर आज तक कुछ नहीं हुआ, जिससे वे अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. उन्होंने सरकार से मांग की है कि एमपीडब्ल्यू कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को अविलंब पूरा किया जाए. आंदोलनकारी कर्मचारियों ने सरकार को दोटूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे. कर्मियों ने कहा कि वे अपने नियमित कार्यों का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे. इसके साथ ही, आगामी श्रावणी मेला में लगने वाली अपनी स्वास्थ्य ड्यूटियों का भी विरोध स्वरूप पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।इस दो दिवसीय धरने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार इस गतिरोध को खत्म करने के लिए क्या कदम उठाती है।