आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदिवासी बहुल गांवों में खींची जायेगी विकास की लकीर
By Team Lohardaga Live

लोहरदगा जिले के भंडरा प्रखंड अंतर्गत उदरंगी पंचायत के भैसमुंदो गांव के अखड़ा में आयोजित विशेष ग्राम सभा में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत ली गई योजनाओं को अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के प्रतिनिधि सौरभ कुमार, आईटीडीए निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अंजना दास, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रतिमा कुमारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी वीणा कुमारी, प्रखंड समन्वय मनीष अग्रवाल, उदरंगी पंचायत के मुखिया परमेश्वर महली, पंचायत सचिव आलोक लकड़ा, ग्राम प्रधान धरती पहान सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
आदि कर्मयोगी अभियान की शुरुआत
आदि कर्मयोगी अभियान के तहत देशभर में आदिवासी बहुल गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लोहरदगा जिले के कुल 353 गांवों में से 205 गांवों चयनित है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या आदिवासी समुदाय की है।
विशेष ग्राम सभा का आयोजन
विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गांव की समस्याओं को सामने रखा। ग्रामीणों ने बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, कृषि को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन जैसे मुद्दों पर सुझाव दिए। सामूहिक रूप से निर्णय लिया गया कि गांव के विकास की दिशा अब ग्रामीणों की राय और जरूरतों पर आधारित होगी।
आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य
आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य है कि जनजातीय समाज आधुनिकता की मुख्यधारा से जुड़े, लेकिन अपनी मौलिक परंपराओं और संस्कृति को भी जीवित रख सके। इस अभियान से लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण व आदिवासी इलाकों में विकास की नई गति आएगी।
आदि साथी और आदि सहयोगी का चयन
ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक गांव से दो ‘आदि साथी’ और एक ‘आदि सहयोगी’ का चयन किया गया है। ये लोग गांव और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करेंगे। साथ ही, गांव में योजनाओं के संचालन और जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आदि सहायता केंद्र भी खोले गए हैं।
