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26 साल से सड़क निर्माण का इंतजार, अब ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान

By Team orange hindi

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26 साल से सड़क निर्माण का इंतजार, अब ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान

चांपी-धौरा जर्जर सड़क पर ग्रामीणों ने किया श्रमदान, निजी खर्च से जेसीबी चलाकर भरे गड्ढे; सितंबर के बाद आंदोलन की चेतावनी

लोहरदगा/कुडू। कुडू प्रखंड के चांपी से धौरा तक जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। बरसात के दौरान सड़क की हालत और भी जर्जर हो गई है। लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीण अब खुद सड़क पर उतर आए और श्रमदान कर सड़क को चलने लायक बनाने का प्रयास किया।

ग्रामीणों ने निजी खर्च से कराया सड़क की मरम्मत का काम

कुंदगड़ा और आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों ने एकजुट होकर सड़क पर श्रमदान किया। ग्रामीणों ने अपने निजी खर्च से जेसीबी मंगवाकर सड़क पर मिट्टी और मोरम डलवाया तथा जगह-जगह बने गहरे गड्ढों को भरने का काम किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि बरसात के दिनों में आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है।

26 वर्षों से सड़क निर्माण की आस

ग्रामीणों के अनुसार चांपी-धौरा सड़क का निर्माण बिहार सरकार के समय हुआ था। इसके बाद करीब 26 वर्षों का लंबा समय गुजर गया, लेकिन सड़क के पुनर्निर्माण या मजबूतीकरण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीण लगातार सड़क निर्माण की मांग करते रहे, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

थक-हारकर ग्रामीणों ने खुद उठाया जिम्मा

लगातार उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने अब स्वयं सड़क की स्थिति सुधारने का बीड़ा उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब जिम्मेदारों की ओर से कोई पहल नहीं हुई तो उन्होंने आपसी सहयोग से सड़क के गड्ढों को भरने का निर्णय लिया।

विकास की स्थिति पर उठाए सवाल

श्रमदान में शामिल पिंकू बाबू ने कहा कि जिला मुख्यालय से महज 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सड़क की स्थिति यदि ऐसी है और ग्रामीणों को 26 वर्षों से सड़क निर्माण का इंतजार करना पड़ रहा है, तो इससे जिले में विकास की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

जनप्रतिनिधियों से ग्रामीणों की नाराजगी

रोशन अग्रवाल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए, लेकिन लंबे समय से ग्रामीणों की समस्या पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार से जुड़ी बुनियादी जरूरत है।

अब आंदोलन के मूड में ग्रामीण

श्रमदान करते हुए पंचम लाल ने कहा कि अब ग्रामीणों के सामने आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। यदि सड़क निर्माण की दिशा में जल्द पहल नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

सितंबर के बाद जोरदार आंदोलन की चेतावनी

सामाजिक विचार मंच के संयोजक कवलजीत सिंह ने कहा कि सितंबर माह के बाद सड़क की समस्या को लेकर जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आसपास के सभी ग्रामीणों को एकजुट कर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों तक ग्रामीणों की आवाज पहुंचाई जाएगी।

इन ग्रामीणों ने किया श्रमदान

सड़क सुधार कार्य में अशोक लाल, मोहन महतो, राजेश महतो, पिंकू बाबू, वाल्मीकि महतो, रोशन अग्रवाल, पंचम महतो, संजय महतो, लखन राम, उज्ज्वल अग्रवाल, पंचम लाल, आदित्य साहू, सुरेंद्र महतो, संतु महतो, भोला सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने श्रमदान किया।

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