लोहरदगा में ‘श्वेत क्रांति’ की पहल को सरकारी स्तर पर मिली गति
By Team orange hindi

डॉ. बिन्देश्वर उरांव के प्रस्ताव पर गव्य विकास निदेशालय ने जिला स्तर पर कार्रवाई का दिया निर्देश
लोहरदगा। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्ताव पर सरकारी स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा, झारखंड प्रदेश के महामंत्री डॉ. बिन्देश्वर उरांव की ओर से केंद्र सरकार को भेजे गए ‘श्वेत क्रांति एवं समेकित गौ-आधारित ग्रामीण विकास’ प्रस्ताव के बाद झारखंड सरकार के गव्य विकास निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है।
गव्य विकास निदेशालय ने पत्रांक 750, दिनांक 11 अगस्त 2026 के माध्यम से झारखंड मिल्क फेडरेशन के प्रबंध निदेशक और जिला गव्य विकास पदाधिकारी, लोहरदगा को प्रस्ताव के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा है। कार्रवाई की जानकारी केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल पर भी अपलोड की जानी है।
डॉ. बिन्देश्वर उरांव ने 11 जून 2026 को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्रस्ताव भेजकर लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की मांग की थी। प्रस्ताव CPGRAMS पर PMOPG/E/2026/0103785 पंजीकरण संख्या के तहत दर्ज हुआ था।
प्रस्ताव में पात्र ग्रामीण एवं जनजातीय परिवारों को दो-दो दुधारू गाय उपलब्ध कराने, पशुपालन का प्रशिक्षण देने तथा प्रखंड और पंचायत स्तर पर दूध संग्रह केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा दूध चिलिंग प्लांट, डेयरी प्रसंस्करण इकाई और पनीर, दही, घी जैसे उत्पादों के निर्माण की व्यवस्था विकसित करने की मांग है।
योजना में महिलाओं को डेयरी गतिविधियों से जोड़ने, युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करने तथा गोबर से जैविक खाद और बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव है। प्रत्येक प्रखंड में पशु चिकित्सा सुविधा और मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई मजबूत करने की मांग भी रखी गई है।
डॉ. बिन्देश्वर उरांव ने कहा कि लोहरदगा जैसे ग्रामीण और जनजातीय बहुल क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलने से किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए आय के नए अवसर बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित विभागों से प्रस्ताव पर नियमानुसार शीघ्र सर्वेक्षण और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और संबंधित विभागों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी स्तर पर कार्रवाई का निर्देश इस दिशा में सकारात्मक कदम है।