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आदिवासियों को जमीन का समुचित मुआवजा दिलाने का करेंगे प्रयास : सांसद सुखदेव भगत

By Team Lohardaga live

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बैठक में उपस्थित सांसद व ग्रामीण

आदिवासी विकास के लिए जमीन दे रहे, फिर भी ग्रामीणों संग भेदभाव का आरोप

लोहरदगा। सेन्हा प्रखंड के बंसरी गुड़िया टोली के ग्रामीणों की शिकायत और आग्रह पर लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत बुधवार को गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने पारंपरिक ढंग से उनका स्वागत किया और अखड़ा स्थल तक लेकर आए, जहां सामूहिक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित लोहरदगा बाईपास सड़क निर्माण के लिए गांव की करीब 14 एकड़ जमीन 42 परिवारों से अधिग्रहित की जा रही है, लेकिन उन्हें उचित दर पर मुआवजा नहीं मिल रहा। ग्रामीणों के अनुसार सरकार बंसरी गुड़िया टोली में 6526 रुपये प्रति डिसमिल की दर से मुआवजा दे रही है, जबकि सटे हुए नवदी कोयनार टोली में 22385 रुपये प्रति डिसमिल की दर तय की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 17 मौजा की जमीन में से सबसे कम मुआवजा इसी गांव को दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कुंडी, बगान मसना जैसे गांवों की महत्वपूर्ण जमीन भी सड़क में समाहित हो रही है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे विकास का विरोध नहीं करते और जमीन देने के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार को समुचित मुआवजा देना होगा, अन्यथा जमीन देना संभव नहीं होगा। उन्होंने सांसद से न्यायपूर्ण मुआवजा दिलाने की मांग की।

सांसद सुखदेव भगत ने ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि वे उनके साथ हैं और उचित मुआवजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि इस गांव में शत-प्रतिशत आदिवासियों की भूमि जा रही है, जो उनके जीवन और आजीविका का आधार है। इसके बावजूद उन्हें कम दर पर मुआवजा दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। सांसद ने आश्वासन दिया कि वे जांच करवाएंगे कि जमीन अधिग्रहण के दौरान इस गांव की दर सबसे कम क्यों तय की गई और क्या आधार अपनाया गया।

सांसद ने कहा कि वे स्थानीय प्रशासन के अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी इस विषय पर बातचीत करेंगे। बैठक के बाद वे ग्रामीणों के साथ अधिग्रहित होने वाली जमीन का मुआयना करने भी गए।

मौके पर आलोक कुमार साहू, सांसद प्रतिनिधि नंदू शुक्ला, पाहन मंगलदास मुंडा, गंगा उरांव, जीतराम उरांव, धनबाज उरांव, मनोज उरांव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।