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रोपवे गेट पर मजदूरों का धरना, बंद डंपिंग यार्ड खुलवाने की मांग

By Team orange hindi

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रोपवे गेट पर मजदूरों का धरना, बंद डंपिंग यार्ड खुलवाने की मांग

नगर अध्यक्ष अनिल उरांव ने कंपनी और जनप्रतिनिधियों पर साधा निशाना, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रोपवे गेट पर मजदूरों का धरना, बंद डंपिंग यार्ड खुलवाने की मांग
रोपवे गेट पर मजदूरों का धरना, बंद डंपिंग यार्ड खुलवाने की मांग

लोहरदगा। हिंडाल्को कंपनी के रोपवे बॉक्साइट साइडिंग गेट के सामने बुधवार को स्थानीय मजदूरों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। मजदूरों ने बंद पड़े बॉक्साइट डंपिंग यार्ड को दोबारा शुरू करने और स्थानीय लोगों के रोजगार से जुड़े हितों की रक्षा करने की मांग उठाई। धरने का नेतृत्व लोहरदगा नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव ने किया।

धरने को संबोधित करते हुए अनिल उरांव ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों के साथ-साथ लोहरदगा शहर में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का सवाल भी गंभीर है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के गठन के बाद कई अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि आए, लेकिन मजदूरों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए अपेक्षित काम नहीं हो सका।

डीएमएफटी राशि के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

अनिल उरांव ने खनन क्षेत्र से मिलने वाली डीएमएफटी राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र से करोड़ों रुपये की राशि उपलब्ध होने के बावजूद शहर और खनन प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को अपेक्षित बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

उन्होंने स्थानीय सांसद और विधायक की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोहरदगा के विकास में पिछड़ने के लिए जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कुछ जनप्रतिनिधियों और हिंडाल्को कंपनी के बीच कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी वजह से जिले के विकास की गति प्रभावित हुई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मांग नहीं मानी तो रोपवे बंद कराने की चेतावनी

नगर अध्यक्ष ने कहा कि यदि कंपनी मजदूरों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती और बंद पड़ा बॉक्साइट डंपिंग यार्ड दोबारा शुरू नहीं किया जाता है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने बगरू से लोहरदगा तक संचालित कंपनी के रोपवे का संचालन बंद कराने के लिए आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।

धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय मजदूर और ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलना चाहिए और क्षेत्र के हितों से जुड़े मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

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